अभिभावकों पर निर्भर क्यों (kahani)

September 1993

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स्वामी रामदेव परिव्राजक अमेरिका के सियेटेल नगर में जा रहे थे। एक आठ वर्षीय बालक जो भाद्र पुरुषों की सी पोशाक पहने था और अखबार बेच रहा था, उसने स्वामीजी से अखबार खरीदने को कहा।

स्वामी जी ने पूछा-तुम तो किसी संपन्न घर के लड़के मालूम पड़ते हो, फिर अखबार क्यों बेचते हो? लड़के ने कहा मेरे घर वाले सम्पन्न हैं, पर इससे क्या? मुझे तो स्वावलम्बन की शिक्षा अभी से लेनी है। जितना स्वयं कमा सकता हूँ उसके लिए अभिभावकों पर निर्भर क्यों रहूँ?


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