VigyapanSuchana

August 1943

Read Scan Version
<<   |   <   | |   >   |   >>

इस जीवन में ही स्वर्ग का आनन्द लीजिए!

*******

आध्यात्मिकता, आनन्दमय जीवन बिताने की एक कला है। यदि आप इसी जीवन में स्वर्ग का प्रत्यक्ष आनंद भोगने की इच्छा करते हैं तो निश्चय समझिए आप उसमें सफल हो सकते हैं। आध्यात्मिकता के आधार पर अपने लिए प्रत्यक्ष स्वर्ग की रचना आप अपने हाथों कर सकते हैं। कैसे? इस रहस्य को जानने के लिए आचार्य श्रीराम शर्मा लिखित-आठ नवीन पुस्तकें पढ़िए जो इसी सप्ताह प्रकाशित हुई हैं। जीवन की व्यवहारिक सफलता के गुप्त मंत्र इनमें आपको मिलेंगे। आठों पुस्तकें मंगाने के लिए आज ही 3 रुपए का मनीआर्डर भेजिए।


<<   |   <   | |   >   |   >>

Write Your Comments Here:







Warning: fopen(var/log/access.log): failed to open stream: Permission denied in /opt/yajan-php/lib/11.0/php/io/file.php on line 113

Warning: fwrite() expects parameter 1 to be resource, boolean given in /opt/yajan-php/lib/11.0/php/io/file.php on line 115

Warning: fclose() expects parameter 1 to be resource, boolean given in /opt/yajan-php/lib/11.0/php/io/file.php on line 118