आरोग्य शास्त्र का निचोड़-प्रथम मास का पाठ्यक्रम।

August 1948

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इन पुस्तकों के आधार पर खोये हुए स्वास्थ्य को पुनः प्राप्त किया जा सकता है और प्राप्त हुए स्वास्थ्य को सुरक्षित रखा जा सकता है। यह पुस्तकें पाठक को एक ऐसा कुशल डॉक्टर बना देती है जो अपना और दूसरों का इलाज सफलता पूर्वक कर सकता है।

1.सूर्य चिकित्सा विज्ञान - सूर्य की प्रचण्ड रोग नाशक शक्ति से कठिन रोगों की चिकित्सा।

2.प्राण चिकित्सा विज्ञान- मनुष्य के शरीर में रहने वाली विद्युत शक्ति से समस्त रोगों का इलाज।

3. स्वस्थ और सुन्दर बनने की अद्भुत विद्या-आध्यात्मिक सरल साधनों द्वारा तन्दुरुस्त और खूबसूरत बनने के अद्भुत उपाय।

4. भोग में योग - शीघ्र पतन, स्वप्नदोष, प्रमेह, नपुँसकता आदि रोगों को योग साधनों से दूर करने और मनचाही स्तम्भन शक्ति प्राप्त करने की गुप्त विधियाँ।

5. बुद्धि बढ़ाने के उपाय- जो स्मरण शक्ति बढ़ा कर बुद्धिमान बनना चाहते हैं उनके लिये वह पुस्तक कल्पवृक्ष के समान है।

6. आसन और प्राणायाम-इन दोनों साधनों की विज्ञान सम्मत विवेचना और साधन शिक्षा।

7. तुलसी के अमृतोपम गुण-तुलसी के पौधे में वैज्ञानिकों ने उसमें अमृत के समान चमत्कारी स्वास्थ्य वर्धक गुण पाये हैं इन गुणों का वर्णन।

8. महान जागरण-आत्म विश्वास द्वारा जीवन की काया पलट करने का मनोविज्ञान शास्त्र सम्मत मार्ग दिखाया गया है।

9. तुम महान हो-अपनी महानता को खोजने प्राप्त करने, बढ़ाने और सुरक्षित रखने की वैज्ञानिक प्रणाली।

10. बिना औषधि के कायाकल्प-प्राकृतिक चिकित्सा तथा प्राकृतिक आहार विहार के द्वारा निरोग और बलवान बनने की विधि।

12. पंच तत्वों द्वारा सम्पूर्ण रोगों का निवारण-मिट्टी, पानी, हवा, आग, आकाश द्वारा हर रोग की अद्भुत चिकित्सा प्रणाली।

13. दीर्घ जीवन के रहस्य-संसार के दीर्घ जीवी मनुष्यों द्वारा बताये हुए अनुभव, नियम और सिद्धान्तों की विवेचना।

14. नेत्र रोगों की प्राकृतिक चिकित्सा-बिना ऑपरेशन व बिना दवा खाये प्राकृतिक उपाय द्वारा, नेत्र रोग दूर करके ज्योति बढ़ाने और चश्मा छुड़ाने के उपाय।

15. स्वप्नदोष की मनोवैज्ञानिक चिकित्सक- जो लोग स्वप्न दोष से दुखी हैं। उनके लिए पुस्तक कल्प वृक्ष के समान है।

16. दूध की आश्चर्य जनक शक्ति-दूध पृथ्वी का अमृत है। इसे विधि पूर्वक सेवन करने से मनुष्य कायाकल्प कर सकता है।


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