महाशक्ति की लोकयात्रा

'महाशक्ति की लोकयात्रा' परमवंदनीया माताजी के दिव्य जीवन की अमृत कथा है । परात्पर प्रभु जब 'संभवामि युगे-युगे' के अपने संकल्प को पूरा करने के लिए मानव कल्याण हेतु धराधाम में अवतरित होते हैं, तब उनके साथ उनकी लीला शक्ति का भी नारी रूप में प्राय: इस लोक में अवतरण होता है । इतिहास-पुराण के अनेकों पृष्ठ भगवत्कथा के ऐसे दिव्य प्रसंगों से भरे पड़े हैं । मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान् श्रीराम के साथ माता सीता आई । लीला पुरुषोत्तम भगवान् श्रीकृष्ण के साथ माता रुक्मिणी का आगमन हुआ । भगवान् बुद्ध के साथ यशोधरा का, चैतन्य महाप्रभु के साथ देवी विष्णुप्रिया का इस लोक में आविर्भाव हुआ । भगवान् श्रीरामकृष्ण देव के साथ माता सारदा ने अवतार लेकर उनके ईश्वरीय कार्य में सहायता की । ये सभी महान् नारियाँ एक ही महाशक्ति की विभिन्न कलाओं के रूप में अवतरित हुई और भगवान् की अवतार लीला में उनकी सहायक बनीं । वर्तमान युग में उसी महाशक्ति ने माता भगवती के रूप में अपनी समस्त कलाओं के साथ, संपूर्ण रूप में इस धरालोक पर अवतार लिया । अपनी इस लोकयात्रा में महाशक्ति ने अपने आराध्य वेदमूर्ति तपोनिष्ठ युगऋषि परमपूज्य गुरुदेव के ईश्वरीय कार्य में सहायता करने के साथ हम सबके सामने अनेकों जीवनादर्श

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