ध्वंस और सृजन की सुस्पष्ट संभावना

''आज दुनियाँ की हालत बड़ी डाँवाडोल हो रही है ।। चारों तरफ फैली घोर कलह और अशांति के वातावरण से यही प्रतीत होता है कि एक नया युग आने ही वाला है ।। लोगों में स्वार्थपरता और उसके फलस्वरूप द्वेष, शत्रुता के भाव इतने अधिक व्याप्त हो गए हैं, कि समाधान की आशा बिल्कुल धूमिल पड़ गई है ।। इस कलह युग '' का अंतिम परिणाम क्या होगा ,इस संबंध में बडी भयंकर संभावनाएँ प्रकट की जा रही हैं, साथ ही लोकोत्तर आत्माएँ उनसे सुरक्षा के संबंध में कुछ संकेत कर रही हैं ।। हम सबको समय रहते उनसे लाभ उठाना चाहिए ।…

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