नारी श्रृंगारिकता नहीं, पवित्रता है

"क्या तुम स्त्री की सुन्दरता का मूल्यांकन उसके गुलाबी अधर, मृग जैसी आँखों, सेव जैसे कपोलों को देखकर करते हो? अथवा उसके आंतरिक सौन्दर्य से, जो देश, जाति, धर्म की मर्यादा की रक्षा हेतु अपने जीवन का उत्सर्ग करने के लिए तत्पर हो?" -विलियम कॉलरीज

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