देव संस्कृति व्यापक बनेगी सीमित न रहेगी



भारत एक देश नहीं, मानवी उत्कृष्टता एवं संस्कृति का उद्गम केन्द्र है। हिमालय के शिखरों पर जमी बर्फ जल धारा बनकर बहती है और सुविस्तृत धरातल को सरसता एवं हरीतिमा से भरता है। भारत धर्म और अध्यात्म का उदयाचल है, जहां से सूर्य उगता और समस्त भूमण्डल को आलोक से भरता है। एक तरह से यह आलोक प्रकाश ही जीवन है, जिसके सहारे वनस्पतियां उगतीं, घटाएं बरसतीं और प्राणियों में सजीव हलचलें होती हैं।

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