अमर वाणी - २

परम पूज्य गुरुदेव की घोषणानुसार युग परिवर्तन एक सुनिश्चित संभावना है। युग निर्माण योजना इसी संभावना को साकार करने के लिए बनाई गयी है। युग परिवर्तन कैसे होगा? कब होगा? इसके सरंजाम कैसे जुटेंगे? तथा इसके भागीदारों का चरित्र-चिंतन कैसा होना चाहिए? इसका विस्तार पूर्वक वर्णन वाड़्मय के खण्ड २७ में किया गया है। प्रस्तुत पुस्तिका में 'युग परिवर्तन कैसे और कब?' वाड़्मय क्र० २७ के चुने हुए अंशो को संकलित किया गया है। उसमें नैष्ठिक परिजनों को झकझोर देने वाली पूज्यवर की अमर-वाणी है। इसे प्रत्येक परिजन को ध्यान पूर्वक पढ़ना चाहिए तथा पढ़कर चिंतन-मनन करते हुए आचरण में उतारने का प्रयास करना चाहिए।

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